1. Google Business Profile Optimization Guide: 10 Proven Ways to Rank Higher on Google Maps in 2026
  2. जीवाजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच हाथापाई, प्रशासन ने रोकी प्रवेश प्रक्रिया
  3. ग्वालियर में ऑनलाइन कमाई का झांसा: मां-बेटी से 1.27 लाख की ठगी, टास्क के नाम पर बनाया शिकार
  4. ग्वालियर में भीषण गर्मी का कहर: 41 डिग्री तक पहुँचा तापमान, मानसून की बेरुखी से लोग बेहाल
  5. ग्वालियर: देर रात चोरी-छिपे शराब बेच रही दुकान पर पुलिस का धावा; डंडे बरसाकर भीड़ को खदेड़ा, वीडियो वायरल
  6. डीएलएड परीक्षा में भतीजे की जगह पेपर दे रहा था 'चाचा', फोटो मिसमैच से हुआ खुलासा, केस दर्ज
  7. ग्वालियर में मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था फेल, नालों की गंदगी और अतिक्रमण ने बढ़ाई शहरवासियों की मुश्किलें
  8. ग्वालियर में क्रिकेट की गेंद खेत में जाने पर फोड़ा सिर, लाइसेंसी बंदूक से की फायरिंग, बाप-बेटे गिरफ्तार
  9. Top 5 Digital Marketing Agency in Gwalior in 2026 | Reviews, Services & Clients
  10. ग्वालियर में पानी संकट पर नगर निगम में हंगामा, महिला पार्षदों ने किया धरना और मटके फोड़े
news-details

सरकार के कारण कर्जे में डूबते किसान ?

सरकार के द्वारा यह घोषणा की गई थी की मध्य प्रदेश में रह रहे किसानों का कर्ज ₹200000 तक माफ किया जाएगा किंतु इस योजना का क्रियान्वयन धरातल पर नहीं किया गया

सरकार के कारण कर्जे में डूबते किसान ?

पूरे देश भर में अगर किसानों की बात करें तो हर राज्य में सरकारों के द्वारा किसानों को अलग-अलग तरीके से रियायत दी जाती हैं साथ ही उनके लिए विशेष योजनाएं चलाई जाती हैं। और बात करें मध्य प्रदेश की तो मध्य प्रदेश में भी किसानों के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है किंतु इसके बावजूद भी किसान की हालत बद से बत्तर होती जा रही है।
किसान पर बढ़ता कर्ज एक गंभीर समस्या है। इसके बोझ तले किसान दबता चला जा रहा है । खराब मौसम के चलते किसान की फसल खराब हो जाती है, फसल का सही से दाम नहीं मिल पाता, मंडियों में लंबी-लंबी लाइन लगानी पड़ती है। फसल में महंगी लागत कई समस्याएं किसान को कर्ज में दबाती हैं।
इसमें एक मुख्य समस्या है कर्ज़ा माफी । चुनाव के समय प्रत्याशी बड़े-बड़े दावे किसानों के साथ करते हैं लेकिन सरकार बनने के बाद नेता किसानों को भूल जाते हैं।

दिसंबर 2024 में सरकार के द्वारा यह घोषणा की गई थी की मध्य प्रदेश में रह रहे किसानों का कर्ज ₹200000 तक माफ किया जाएगा किंतु इस योजना का क्रियान्वयन धरातल पर नहीं किया गया इसके चलते आज भी मध्य प्रदेश के ज्यादातर KCC ऋण लिए हुए किसान इस उम्मीद में है कि मध्य प्रदेश सरकार उनकी सुध लेगी और ऋण को माफ करेगी लेकिन आज तक ऐसा नहीं हो पाया है जिसके चलते किसान पर ब्याज बढ़ता जा रहा है और जो मूल रकम बैंक से किसान ने ली है उसे चुकाने में असमर्थ होता जा रहा है।
आखिर किसान कर्जे में डूबते कैसे हैं इसकी बात करें तो जब हमारी टीम ने किसानों से बात की गांव-गांव जाकर तो पाया कि जब राजनीतिक पार्टियाँ चुनावी मैदान में आती हैं तो अपना घोषणा पत्र जारी करती हैं और बड़े मंचों से चुनाव में प्रत्याशी के द्वारा यह घोषणा की जाती है कि किसानों की कर्ज माफी की जाएगी ऐसा हर पार्टी के द्वारा किया जाता है जिसके चलते किसान ऐसा मान बैठते हैं की इस नेता की जब सरकार आ जाएगी तो कर्ज माफ हो ही जाएगा लेकिन ऐसा होता नहीं है सरकार बनने के बाद नेता अपने वादे को भूल जाते हैं और किसान इस आशा में रहता है कि एक दिन नेताजी उनकी सुध लेंगे और कर्ज माफ करेंगे जिसके चलते उसके मूलधन पर ब्याज पर ब्याज बढ़ता जाता है और ना ही वह कोई किस्त दे पता है और ना ही कोई ब्याज भरता है इस कारण किसान कर्ज के जाल में फंसता चला जाता है और बैंकों के द्वारा उन्हें तारीख दी जाती हैं वक्त भी दिया जाता है लेकिन किसान बैठा रहता है सरकार के भरोसे।
जब मध्य प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी तो 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक इंटरव्यू में कहा था कि किसानों का जो कर्जा है उसका ब्याज सरकार के द्वारा माफ किया जाएगा उसकी एक योजना बनाई जा रही है और जल्द ही लागू करेंगे लेकिन आज तक ऐसा नहीं हो पाया है और किसान कर्ज में फंसता जा रहा है।