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📰 ग्वालियर न्यूज़ 23 जून 2025 की ताज़ा खबरें :चेतकपुरी में फिर धसी नई सड़क, जिम ट्रेनर सूरज शर्मा का शव 26 दिन बाद दुबई से लौटा

ग्वालियर की चेतकपुरी में नई सड़क फिर धसी, 50 साल पुरानी वाटर लाइन लीकेज बनी वजह। वहीं, जिम ट्रेनर सूरज शर्मा की दुबई में संदिग्ध मौत के बाद 26 दिन बाद शव लौटा। जानिए दोनों मामलों में क्या है प्रशासन की भूमिका और परिवारों की प्रतिक्रिया।

एक बार फिर धसी चेतकपुरी के पास बनी नई सड़क — कौन ज़िम्मेदार? ठेकेदार, नगर निगम या शासन?

ग्वालियर, 23 जून 2025:
शहर में हाल ही में बनी चेतकपुरी के पास की नई सड़क एक बार फिर धसक गई है। सवाल वही पुराना है — दोष किसका है? ठेकेदार का, नगर निगम का या फिर शासन का?

यह वही सड़क है, जो कुछ दिन पहले ही बनाई गई थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि निर्माण के चंद हफ्तों बाद ही इसमें फिर से धंसाव देखा गया। इससे पहले जब यही सड़क पहली बार धसी थी, तब जांच समिति ने बताया था कि इसके नीचे करीब 50 साल पुरानी 300 मिमी डायामीटर की वाटर लाइन है, जिसमें लीकेज के कारण यह समस्या हुई थी।

समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि यह पुरानी पाइपलाइन खराब अवस्था में थी और इसके कारण मिट्टी कमजोर हो गई थी, जिससे सड़क धंस गई। अब सवाल यह उठता है कि जब यह तथ्य पहले से ही सामने आ गया था, तो उसे ठीक किए बिना सड़क का पुनर्निर्माण क्यों किया गया?

क्या नगर निगम ने आंख मूंदकर सिर्फ ऊपर से लेप चढ़ा दिया?
क्या ठेकेदार ने सिर्फ काम पूरा करने की जल्दी में नीचे की स्थिति की अनदेखी कर दी?
या फिर शासन स्तर पर केवल कागज़ी कार्रवाई हुई?

जनता भुगत रही है खामियाज़ा

इस लापरवाही का खामियाज़ा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। न सिर्फ लाखों रुपये फिर से सड़क पर खर्च होंगे, बल्कि आने-जाने वालों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि जब एक बार कारण पता चल गया था, तो समस्या की जड़ पर काम क्यों नहीं किया गया? क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार किया जा रहा है?

अब चाहिए जवाबदेही, ना कि बहाने

अब वक़्त आ गया है कि इस तरह की घटनाओं पर सिर्फ खानापूर्ति नहीं, बल्कि जवाबदेही तय की जाए। ठेकेदार से लेकर निगम अधिकारियों तक — हर किसी से सवाल पूछा जाए।

शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा देने की बात हो रही है, लेकिन जब ज़मीन ही टिकाऊ नहीं है, तो विकास की नींव कैसे मजबूत होगी?

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ग्वालियर के जिम ट्रेनर सूरज शर्मा का शव 26 दिन बाद आया घर : परिवार ने जाँच की लगाई बुहार

जिम ट्रेनर सूरज शर्मा का शव 26 दिन बाद रविवार को दुबई से ग्वालियर पहुंचाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। सूरज की असामयिक मृत्यु के बाद उनके परिजन शव को भारत लाने के लिए कठिन प्रयासों में जुटे थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सहायता की गुहार लगाई थी। परिजन सूरज की मौत के कारणों की गहन जांच की मांग भी कर रहे हैं।

ग्वालियर निवासी सूरज शर्मा एक जिम ट्रेनर थे और रोजगार की तलाश में 23 मई को दिल्ली से दुबई गए थे। दुबई पहुंचने के दो दिन बाद, 26 मई को, उनका परिवार से संपर्क टूट गया। बाद में परिजनों को सूचित किया गया कि एक हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इस खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था, और वे लगातार शव को भारत लाने की कोशिश में लगे रहे।

सूरज के भाई नितेश ने बताया कि सूरज एक निजी नौकरी में थे, लेकिन व्यवसाय में घाटे के बाद उन्होंने दुबई में नौकरी तलाशने का फैसला किया। नितेश ने सूरज की मौत पर संदेह जताते हुए सवाल उठाया कि यदि उनकी मृत्यु 26 मई को हुई, तो यूएई प्रशासन ने एक महीने तक क्या किया? सूरज के परिवार में उनकी पत्नी चेतना, बच्चे, बुजुर्ग माता-पिता और छोटा भाई शामिल हैं।

चेतना ने बताया कि सूरज 18 मई को दिल्ली गए और वहां से दुबई के लिए रवाना हुए। वे दुबई में पहले होटल में काम कर रहे थे और बाद में टैक्सी चलाने की योजना बना रहे थे। चेतना की सूरज से आखिरी बात 25 मई को हुई थी। परिवार अब सूरज की मौत के रहस्य को सुलझाने और न्याय की मांग कर रहा है।

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