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ग्वालियर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य 175 करोड़ रुपये तय किया है। निगम पर 570 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि सरकारी विभागों पर भी करोड़ों रुपये लंबित हैं। वसूली तेज करने के लिए वार्ड स्तर पर सख्ती और साप्ताहिक समीक्षा शुरू की गई है।

ग्वालियर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य 175 करोड़ रुपये तय किया है। निगम पर 570 करोड़ रुपये का बकाया है, जबकि सरकारी विभागों पर भी करोड़ों रुपये लंबित हैं। वसूली तेज करने के लिए वार्ड स्तर पर सख्ती और साप्ताहिक समीक्षा शुरू की गई है

ग्वालियर नगर निगम ने चालू वित्तीय वर्ष में संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य बढ़ाकर 175 करोड़ रुपये तय किया है। पिछले वर्ष निगम ने 150 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन केवल 116 करोड़ रुपये ही वसूल किए जा सके। इससे स्पष्ट है कि निगम अपने प्रमुख राजस्व स्रोत संपत्ति कर की वसूली में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाया।

बकाया राशि की वसूली के लिए नगर निगम ने विभिन्न शासकीय विभागों को सेवा शुल्क जमा करने संबंधी पत्र भेजे हैं। सरकारी विभागों पर ही लगभग 89.52 करोड़ रुपये का संपत्ति कर लंबित है। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने वसूली प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से वर्ष की शुरुआत से ही वार्ड स्तर पर कर संग्राहकों को लक्ष्य सौंप दिए हैं।अब संपत्ति कर वसूली की नियमित साप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही है। पहले क्षेत्रीय कार्यालयों में तैनात कर संग्राहक अक्सर वित्तीय वर्ष के अंतिम महीनों में ही सक्रिय होते थे, जिसके कारण निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता था। निगम प्रशासन का मानना है कि लगातार निगरानी और शुरुआती तैयारी से इस बार वसूली में सुधार होगा।

नगर निगम में दर्ज संपत्तियों के आधार पर शासन को वसूली का लक्ष्य भेजा जाता है। यदि इस लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं होती, तो प्रदेश और केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि (ग्रांट) में कटौती की जाती है। इसका सीधा प्रभाव शहर के विकास कार्यों पर पड़ता है। अधिकारियों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार वसूली न किए जाने के कारण शासन स्तर पर लगभग 570 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया दर्ज है।

नगर निगम के रिकॉर्ड में कुल 3 लाख 39 हजार संपत्तियां दर्ज हैं। हालांकि, इस वर्ष अब तक केवल 1 लाख 45 हजार संपत्तियों से ही कर वसूला जा सका है। करीब 1 लाख 94 हजार संपत्ति धारकों ने अभी तक संपत्ति कर जमा नहीं किया है। इसी वजह से निगम का वसूली लक्ष्य लगातार बढ़ता जा रहा है।