ग्वालियर में पानी संकट पर नगर निगम में हंगामा, महिला पार्षदों ने किया धरना और मटके फोड़े
ग्वालियर में पानी की भारी किल्लत को लेकर नगर निगम परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस और बीजेपी की महिला पार्षद आमने-सामने आ गईं। एक ने सदन में धरना दिया, तो दूसरी ने महापौर कार्यालय के बाहर मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। दोनों ने 7 दिन में पानी की समस्या हल नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बढ़ती पानी की किल्लत को लेकर नगर निगम परिषद की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। पानी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष की महिला पार्षद आमने-सामने आ गईं। कांग्रेस पार्षद सईदा अली सदन के अंदर धरने पर बैठ गईं, जबकि भाजपा पार्षद आशा चौहान ने महापौर कार्यालय के बाहर मटके फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। दोनों पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
गर्मी बढ़ने के साथ ग्वालियर में पानी की भारी कमी महसूस की जा रही है। इसी समस्या को लेकर नगर निगम परिषद की बैठक में तीखी बहस हुई। कांग्रेस पार्षद सईदा अली ने अधिकारियों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उनके वार्ड में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक क्षेत्र की जनता को पानी नहीं मिलेगा, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगी।
हंगामा सिर्फ सदन के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर भी देखने को मिला। बीजेपी पार्षद आशा चौहान अपने वार्ड के लोगों के साथ महापौर कार्यालय के बाहर पहुंचीं और मटके फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने महापौर डॉ. शोभा सिकरवार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आशा चौहान ने कहा कि महापौर और निगम के अधिकारी सो रहे हैं, जबकि जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
आशा चौहान ने निगम प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन में पानी की समस्या हल नहीं हुई, तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा और निगम मुख्यालय का घेराव होगा। दोनों तरफ से हुए इस हंगामे और चौतरफा दबाव के बाद निगम के सभापति मनोज सिंह तोमर ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने निगम के आला अधिकारियों को तलब कर शहर में पानी की किल्लत जल्द से जल्द दूर करने के सख्त आदेश जारी किए।