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Today Gwalior News: ग्वालियर में जालसाज कथावाचक का भंडाफोड़: केंद्रीय मंत्री का फर्जी PA बनकर कराता था अफसरो का तबादला

ग्वालियर में जालसाज कथावाचक का भंडाफोड़: केंद्रीय मंत्री का फर्जी PA बनकर कराता था अफसरो का तबादला

ग्वालियर में जालसाज कथावाचक का भंडाफोड़

ग्वालियर - ग्वालियर में एक कथावाचक का जालसाजी का मामला उजागर हुआ है, जिसने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का फर्जी निजी सहायक (PA) बनकर पुलिस निरीक्षकों के तबादले कराने की सिफारिश की थी। आरोपी पुष्पेंद्र दीक्षित को हाल ही में गिरफ्तार किया गया, और पुलिस की जांच में उसके कई और कारनामे सामने आए हैं।

पुलिस के मुताबिक, पुष्पेंद्र दीक्षित ने केंद्रीय मंत्री के नाम का दुरुपयोग कर डीजीपी को फोन करके दो पुलिस निरीक्षकों के तबादले की सिफारिश की थी। इस जालसाज ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए 15 से अधिक पुलिस निरीक्षकों के तबादले करवाए। इन निरीक्षकों में ग्वालियर, शिवपुरी और आसपास के जिलों में पदस्थ अधिकारी शामिल हैं। विशेष रूप से, उसने शिवपुरी के शहरी क्षेत्र में पदस्थ एक निरीक्षक के साथ अपनी करीबी दोस्ती का फायदा उठाया।

केंद्रीय मंत्री का फर्जी PA बनकर कराता था अफसरो का तबादला

इस मामले में जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी सिर्फ तबादलों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने हथियार लाइसेंस के लिए भी सिफारिशें कीं। इसके लिए उसने अलग-अलग जिलों के कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से सिफारिश की थी।

पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि पुष्पेंद्र दीक्षित ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने करीबी रिश्तों का दुरुपयोग किया। उसने इंटरनेट मीडिया पर कई मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, और सिनेमा सितारों के साथ अपनी फर्जी तस्वीरें अपलोड की थीं, जिनका इस्तेमाल उसने अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए किया। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा तथा कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ उसकी कई तस्वीरें भी पाई गई हैं।

मध्य प्रदेश के डीजीपी सुधीर सक्सैना ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। इस घटना ने प्रशासनिक और पुलिस तंत्र के भीतर गहरे संपर्कों और जालसाजी की गंभीरता को उजागर किया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कहीं इस जालसाजी के तार और अधिकारियों से तो नहीं जुड़े हुए हैं।

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