1. Best Graphic Design Institute in Gwalior – 100% Practical Training & Placement Assistance
  2. Best Digital Marketing Course in Gwalior: Why ITS Gwalior Is the First Choice for Students in 2026
  3. Google Business Profile Optimization Guide: 10 Proven Ways to Rank Higher on Google Maps in 2026
  4. जीवाजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच हाथापाई, प्रशासन ने रोकी प्रवेश प्रक्रिया
  5. ग्वालियर में ऑनलाइन कमाई का झांसा: मां-बेटी से 1.27 लाख की ठगी, टास्क के नाम पर बनाया शिकार
  6. ग्वालियर में भीषण गर्मी का कहर: 41 डिग्री तक पहुँचा तापमान, मानसून की बेरुखी से लोग बेहाल
  7. ग्वालियर: देर रात चोरी-छिपे शराब बेच रही दुकान पर पुलिस का धावा; डंडे बरसाकर भीड़ को खदेड़ा, वीडियो वायरल
  8. डीएलएड परीक्षा में भतीजे की जगह पेपर दे रहा था 'चाचा', फोटो मिसमैच से हुआ खुलासा, केस दर्ज
  9. ग्वालियर में मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था फेल, नालों की गंदगी और अतिक्रमण ने बढ़ाई शहरवासियों की मुश्किलें
  10. ग्वालियर में क्रिकेट की गेंद खेत में जाने पर फोड़ा सिर, लाइसेंसी बंदूक से की फायरिंग, बाप-बेटे गिरफ्तार
news-details

बढ़ती उम्र नहीं, बल्कि बढ़ती लापरवाही है खतरे की जड़

तंबाकू और उससे बने उत्पादों का सेवन युवाओं को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रहा है। जानिए कैसे बचा जा सकता है इस खतरनाक लत से। देश की युवा पीढ़ी तेजी से कैंसर की चपेट में आ रही है

  • तंबाकू सेवन युवाओं को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की ओर ले जा रहा है। जानिए इससे बचने के जरूरी उपाय

  • तंबाकू और उससे बने उत्पादों का सेवन युवाओं को गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रहा है
  • देश की युवा पीढ़ी तेजी से कैंसर की चपेट में आ रही है — WHO की रिपोर्ट से सामने आई गंभीर सच्चाई

  • भूमिका
  • एक समय था जब कैंसर को उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।आज के समय में 20 से 40 साल की उम्र के बीच के युवा तेजी से कैंसर का शिकार हो रहे हैं।इसका मुख्य कारण है — तंबाकू और उससे बने उत्पादों का बढ़ता सेवन।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार,"हर साल दुनिया में 80 लाख से ज्यादा लोग कैंसर से मरते हैं, जिनमें से लगभग 13% मौतें तंबाकू से जुड़ी होती हैं। भारत में यहआंकड़ा और भी चिंताजनक है।"


क्या कहती है WHO की रिपोर्ट?

  • WHO का अनुमान है कि भारत में हर साल लगभग 10 लाख लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से मरते हैं।
  • भारत में तंबाकू सेवन करने वालों की औसत शुरुआत 15 से 24 साल की उम्र में होती है।
  • यूथ पॉपुलेशन में 22% पुरुष और 7% महिलाएं किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रही हैं।
  • बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, पान मसाला — ये सब भारत के युवाओं को धीरे-धीरे कैंसर की ओर धकेल रहे हैं।

    कौन-कौन से कैंसर सबसे ज्यादा हो रहे हैं युवाओं में?
  • मुँह का कैंसर (Oral Cancer) – तंबाकू चबाने से।
  • गले का कैंसर (Throat Cancer) – स्मोकिंग और चबाने वाले उत्पादों से।
  • फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) – सिगरेट और बीड़ी पीने से।
  • गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) व अन्य जननांग कैंसर – प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से बढ़ता खतरा।


    कैसे बनाएं खुद को और अपनों को तंबाकू मुक्त?
    1. शुरुआत करें जागरूकता से
    युवाओं को तंबाकू के दुष्परिणामों की सही जानकारी दें — कैंसर, हृदय रोग, और असमय मृत्यु जैसे परिणामों से अवगत कराएं।

    2. स्कूल, कॉलेज में विशेष अभियान चलाएं

    Support and Care Cancer Group जैसी संस्थाएं स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाकर युवा मन को शिक्षित कर सकती हैं।

    3. निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT)
    WHO और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धतियों जैसे निकोटीन पैच या गम की सहायता लें।

    4. तंबाकू विरोधी कानूनों का सख्ती से पालन
    18 साल से कम उम्र को तंबाकू न बेचना, सार्वजनिक स्थानों पर सेवन की रोकथाम, और विज्ञापन बैन जैसी नीतियों का पालन करें।

    क्या आप या आपके जानने वाले हैं जोखिम में?
    अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से तंबाकू का सेवन कर रहा है, और निम्नलिखित लक्षण नजर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर सेसंपर्क करें
  • मुँह में छाले या गांठ जो ठीक नहीं हो रहे
  • लगातार खांसी या गले में खराश
  • आवाज में बदलाव
  • खाने-पीने में दिक्कत
  • वजन तेजी से गिरना

    निष्कर्ष
  • कैंसर कोई एक दिन में नहीं होता — ये धीरे-धीरे बनता है, और तंबाकू उसका मुख्य कारण है।
  • देश का युवा भविष्य है, और यह भविष्य तंबाकू की लत में खोता जा रहा है।
  • समय रहते बदलाव करें — खुद को जागरूक करें और अपने आस-पास के लोगों को भी।