1. त्योहारी सीजन में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, नियम तोड़ने वाले वाहनों से ₹1.87 लाख का जुर्माना वसूला
  2. दिवाली पर ट्रेनों में सीटें फुल, वेटिंग से यात्रियों की बढ़ी परेशानी; तत्काल टिकट के लिए भी मारामारी
  3. दिवाली पर रेलवे का सख्त चेकिंग अभियान: बिना टिकट यात्रा करते 82 यात्री पकड़े, ₹45 हजार से अधिक जुर्माना वसूला
  4. दिवाली पर रेलवे का सख्त चेकिंग अभियान: बिना टिकट यात्रा करते 82 यात्री पकड़े, ₹45 हजार से अधिक जुर्माना वसूला
  5. MP में अगले 20 साल का सड़क विकास प्लान तैयार होगा: 55 हजार KM सड़कों का सर्वे, 400 स्थानों पर होगी ट्रैफिक की गिनती
  6. ग्वालियर में नगर निगम की अनूठी पहल: 'स्वच्छ दिवाली' अभियान में सिर्फ ₹1 में मिले टीवी, फ्रिज और बेड, जरूरतमंद परिवारों के चेहरे खिले
  7. ग्वालियर में नवंबर की शुरुआत में भी गर्मी का असर, पारा 33 डिग्री पहुंचा; दिन में तेज धूप, रात में हल्की ठंड
  8. रेलवे स्टेशन पर रील बनाने वालों की अब खैर नहीं! झांसी मंडल की सख्त चेतावनी, नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई
  9. ग्वालियर की महिला ने आगरा में उड़ाए 15 लाख के जेवरात, 200 CCTV कैमरों की मदद से पुलिस ने पकड़ा, 25 लाख के गहने बरामद
  10. ग्वालियर में पाम ऑयल से तैयार हो रहा था नकली मावा, SDM की छापेमारी में 12 कारखानों का खुलासा
news-details

पति के सामने प्रेमी का हाथ थामा, हाईकोर्ट में टूटा रिश्ता – 17 महीने की शादी खत्म होने की कगार पर

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने वैवाहिक रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कई सवाल खड़े कर दिए।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसने वैवाहिक रिश्तों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर कई सवाल खड़े कर दिए। हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान एक विवाहित महिला ने कोर्ट में अपने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उसने खुलेआम अपने प्रेमी का हाथ थामकर उसके साथ रहने की इच्छा जाहिर की।

पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को जबरन बंधक बनाकर रखा गया है, लेकिन कोर्ट में पेश होकर महिला ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उसने स्पष्ट कहा कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ रह रही है।

करीब 17 महीने पहले हुई इस शादी में दरार तब आई जब पति काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने लगा और इसी दौरान महिला का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध बन गया। काउंसलिंग के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी।

स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को आपसी सहमति से तलाक लेने की सलाह दी। साथ ही, महिला को उसकी मां के साथ जाने की अनुमति देते हुए याचिका को समाप्त कर दिया गया।

यह मामला एक बार फिर रिश्तों में भरोसे, व्यक्तिगत आजादी और बदलते सामाजिक मूल्यों पर गंभीर चर्चा को जन्म देता है।