पर्यावरण संरक्षण का संदेश लेकर निकली साइकिल यात्रा आज पहुंचेगी ग्वालियर, नेपाल से रवाना हुए पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी
नेपाल से शुरू हुई पद्मभूषण डॉ. अनिल जोशी की पर्यावरण संरक्षण साइकिल यात्रा 7 नवंबर को ग्वालियर पहुंचेगी। 14 यात्री, 3000 किमी का सफर और ITM यूनिवर्सिटी में संवाद।
ग्वालियर। पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से पद्मभूषण डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में निकाली जा रही साइकिल यात्रा आज, शनिवार 7 नवंबर को ग्वालियर पहुंचेगी। नेपाल के जानकीपुर से 2 अक्टूबर को शुरू हुई इस यात्रा में 14 साइकिल यात्री शामिल हैं।
यह यात्रा लगभग 50 से 55 दिनों में 3,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इस दौरान यात्रियों द्वारा लोगों को हवा, पानी, मिट्टी और जंगलों के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
आईटीएम यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों से करेंगे संवाद
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, साइकिल यात्रा डबरा के रास्ते ग्वालियर जिले में प्रवेश करेगी। शनिवार सुबह यात्री आईटीएम यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे।
यहां सुबह करीब 11:30 बजे विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में डॉ. जोशी और यात्रा के अन्य सदस्य पर्यावरण संरक्षण के महत्व, यात्रा के उद्देश्यों और अब तक के अनुभवों को साझा करेंगे।
इसके बाद साइकिल यात्रा धौलपुर के लिए रवाना होगी।
नेपाल से शुरू हुई यात्रा, सात राज्यों से होकर गुजरेगी
डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में यह साइकिल यात्रा 2 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई थी।
यात्रा नेपाल सहित भारत के विभिन्न राज्यों से होकर गुजर रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इसके मार्ग में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।
यात्रा का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।
हवा, पानी, मिट्टी और जंगल बचाने का संदेश
साइकिल यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद किया जा रहा है।
यात्रा के प्रमुख उद्देश्य हैं:
-
जल संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के प्रति जागरूकता।
-
वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ पर्यावरण को बढ़ावा देना।
-
मिट्टी और जंगलों के संरक्षण का महत्व समझाना।
-
जलवायु परिवर्तन और बढ़ते वैश्विक तापमान के खतरों पर चर्चा।
-
युवाओं को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना।
प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं
इस साइकिल यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचने से आने वाली पीढ़ियों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन आज बड़ी चिंताएं बन चुके हैं। ऐसे में साइकिल यात्रा जैसे जनजागरूकता अभियान लोगों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ग्वालियर में यात्रा के आगमन से विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के विषय में जागरूक होने का अवसर मिलेगा।