जीवाजी विश्वविद्यालय में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच हाथापाई, प्रशासन ने रोकी प्रवेश प्रक्रिया
ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में काउंसलिंग के दौरान एबीवीपी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट। प्रशासन ने काउंसलिंग प्रक्रिया बीच में ही रोकी।
ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं (SOS) में 5 साल बाद आयोजित की गई प्रवेश काउंसलिंग बुधवार को भारी हंगामे और विवाद की भेंट चढ़ गई। अटल सभागार में आयोजित काउंसलिंग के दौरान एबीवीपी और एनएसयूआई के छात्र कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प और हाथापाई हुई।
विवाद की शुरुआत शाम करीब 7 बजे एमबीए (HR) कोर्स में प्रवेश को लेकर हुई। एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष पारस यादव जब प्रवेश समिति अध्यक्ष प्रो. डी.एन. गोस्वामी से सीट आवंटन पर चर्चा कर रहे थे, उसी समय एबीवीपी के पदाधिकारी वहां पहुंचे और काउंसलिंग प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाने लगे। दोनों संगठनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि नौबत मारपीट तक आ गई। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि प्रवेश समिति कुछ छात्र नेताओं के दबाव में सीटों की 'बिक्री' कर रही है।
यह पहली बार नहीं था जब काउंसलिंग प्रभावित हुई। इससे पहले दोपहर के सत्र में बीबीए काउंसलिंग के दौरान भी अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र नेताओं और प्रवेश समिति के सदस्य डॉ. सपन पटेल के बीच तीखी बहस हुई थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें भीषण गर्मी में पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दी गईं।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और विश्वविद्यालय प्रशासन ने काउंसलिंग को तत्काल प्रभाव से रोक दिया। अब बची हुई सीटों के लिए प्रवेश प्रक्रिया अटल सभागार के बजाय संबंधित विभागों में 'विभागवार काउंसलिंग' के माध्यम से पूरी की जाएगी, ताकि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो।