1. परिवहन विभाग में बड़ा एक्शन! ग्वालियर-डबरा-दतिया में दागी कर्मचारियों की कुंडली तैयार, चेक पोस्टों पर गड़बड़ी करने वालों पर गिरेगी गाज
  2. ग्वालियर में अवैध कॉलोनाइजरों पर पुलिस का शिकंजा: धनेली-करगवां में बिना अनुमति काटे जा रहे थे प्लॉट, 100 से ज्यादा लोगों को बेचे भूखंड
  3. ग्वालियर में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 50% से कम रहा तो प्राचार्य और शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई, वेतनवृद्धि पर भी लग सकती है रोक
  4. करवा चौथ पर महिला को सांप ने डसा! दर्द के बावजूद दिखाई हिम्मत, सांप को मारने के बाद पहुंची अस्पताल
  5. ग्वालियर से दिल्ली कूच की बड़ी तैयारी! 1 नवंबर को रामलीला मैदान में जुटेंगे कांग्रेस कार्यकर्ता, विधायक सतीश सिकरवार ने सौंपी जिम्मेदारी
  6. ग्वालियर में किसान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत! बैंक ने मांगे थे ₹8.59 लाख, खातों में बकाया मिला शून्य तो वसूली नोटिस रद्द
  7. ग्वालियर में किसान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत! बैंक ने मांगे थे ₹8.59 लाख, खातों में बकाया मिला शून्य तो वसूली नोटिस रद्द
  8. MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ADPO भर्ती में 10% पदोन्नति कोटा रद्द, लिपिकीय कर्मचारियों की सीधी पदोन्नति पर रोक
  9. MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ADPO भर्ती में 10% पदोन्नति कोटा रद्द, लिपिकीय कर्मचारियों की सीधी पदोन्नति पर रोक
  10. ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे की जांच के लिए 6 सदस्यीय समिति गठित, बच्चों से क्रूरता और मारपीट के आरोपों की होगी जांच
news-details

ग्वालियर में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 50% से कम रहा तो प्राचार्य और शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई, वेतनवृद्धि पर भी लग सकती है रोक

ग्वालियर में सरकारी स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम 50% से कम रहने पर प्राचार्यों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई होगी। वेतनवृद्धि भी रुक सकती है।

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और बोर्ड परीक्षा परिणामों को सुधारने के लिए लोक शिक्षण विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिन सरकारी स्कूलों का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहेगा, उनके प्राचार्यों और संबंधित विषयों के शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

इस आदेश के बाद जिले के सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों में हलचल तेज हो गई है।

50 प्रतिशत से कम रिजल्ट आने पर होगी कार्रवाई

लोक शिक्षण विभाग के निर्देशों के अनुसार, लगभग तीन महीने बाद शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में यदि किसी सरकारी स्कूल का परिणाम 50 प्रतिशत से कम रहता है, तो संबंधित स्कूल के प्राचार्य और विषय शिक्षकों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा उनकी वेतनवृद्धि पर भी रोक लग सकती है।

पिछले दो वर्षों में कई स्कूलों का परिणाम रहा खराब

ग्वालियर जिले के कई सरकारी स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम पिछले दो वर्षों से संतोषजनक नहीं रहा है।

जानकारी के अनुसार, कुछ स्कूलों में परीक्षा परिणाम महज 30 से 35 प्रतिशत तक दर्ज किया गया था।

इन स्कूलों के प्राचार्यों को पहले केवल कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि, इसके बाद कोई बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी।

अब केवल नोटिस नहीं, सख्त कार्रवाई के निर्देश

इस बार लोक शिक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार नहीं होने पर संबंधित प्राचार्यों और शिक्षकों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

विभाग का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाना है।

शिक्षकों और प्राचार्यों की बढ़ी जिम्मेदारी

नए निर्देशों के बाद सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।

आगामी बोर्ड परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों की तैयारी, कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान और परीक्षा परिणाम सुधारने के प्रयास महत्वपूर्ण होंगे।

हालांकि, पिछले दो वर्षों में खराब परिणाम देने वाले स्कूलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बार विभाग अपने निर्देशों को कितनी सख्ती से लागू करता है।

प्रमुख बातें

  • 50% से कम रिजल्ट: प्राचार्य और संबंधित विषय शिक्षकों पर कार्रवाई संभव।
  • वेतनवृद्धि: रोक लगाई जा सकती है।
  • पिछला प्रदर्शन: कुछ स्कूलों का परिणाम केवल 30–35 प्रतिशत रहा।
  • पुरानी कार्रवाई: पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
  • विभाग का उद्देश्य: सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना।