ग्वालियर में पाम ऑयल से तैयार हो रहा था नकली मावा, SDM की छापेमारी में 12 कारखानों का खुलासा
ग्वालियर के घाटीगांव में SDM जूही गर्ग ने 12 दूध-मावा कारखानों पर छापा मारा। पाम ऑयल बरामद, बिना लाइसेंस कारोबार और खाद्य सैंपल की जांच शुरू।
ग्वालियर। त्योहारों के सीजन में मिलावटी दूध और मावा के कारोबार पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। घाटीगांव के भंवरपुरा क्षेत्र में एसडीएम जूही गर्ग के नेतृत्व में राजस्व और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 12 दूध और मावा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। जांच के दौरान पाम ऑयल से मावा तैयार किए जाने और कई कारखानों के पास खाद्य विभाग का लाइसेंस नहीं होने की बात सामने आई।
भंवरपुरा क्षेत्र में 12 कारखानों पर छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को घाटीगांव एसडीएम जूही गर्ग और तहसीलदार दिव्यदर्शन शर्मा सहित राजस्व विभाग की टीम ने भंवरपुरा थाना क्षेत्र में छापेमारी अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान एक के बाद एक 12 दूध और मावा निर्माण इकाइयां मिलीं। इनमें से कई इकाइयों में बिना आवश्यक लाइसेंस के मावा तैयार किया जा रहा था।
जांच में तीन कारखानों से बड़ी मात्रा में मावा बरामद हुआ। एक स्थान पर लगभग 50 किलो और दूसरे स्थान पर 35 किलो तैयार मावा मिला।
पाम ऑयल और अन्य सामग्री बरामद
छापेमारी के दौरान एक बड़े पैमाने पर मावा तैयार करने वाली इकाई से पाम ऑयल भी बरामद किया गया। इसके अलावा मावा बनाने में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण और अन्य सामग्री मिली।
ग्राम गोदाम में बीरबल पुत्र प्रीतम गुर्जर के कारखाने से मावा के दो और दूध का एक सैंपल लिया गया। जांच में संबंधित इकाई के पास खाद्य विभाग का आवश्यक लाइसेंस नहीं मिला।
वहीं, ग्राम सिकरावली में बंटी गुर्जर के कारखाने से दूध और मावा के एक-एक नमूने लिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लिए सैंपल
एसडीएम जूही गर्ग के अनुसार, औचक निरीक्षण के दौरान बिना लाइसेंस मावा तैयार किए जाने की पुष्टि हुई। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर बुलाकर दूध और मावा के नमूने एकत्र किए गए।
नमूनों की प्रयोगशाला जांच से यह स्पष्ट होगा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
कारोबारियों की पहचान भी बनी चुनौती
छापेमारी के दौरान कुछ स्थानों पर मौजूद लोगों से कारोबार संचालित करने वालों की जानकारी मांगी गई, लेकिन वे स्पष्ट रूप से नहीं बता सके कि संबंधित इकाइयों का संचालन कौन कर रहा था।
रिपोर्ट के अनुसार, भंवरपुरा क्षेत्र में तैयार होने वाला मावा ग्वालियर के बाजारों में भी सप्लाई किया जाता है।
त्योहारों में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर चिंता
त्योहारों के दौरान दूध, मावा और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों का निर्माण और संदिग्ध सामग्री का इस्तेमाल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
हालांकि, पाम ऑयल की बरामदगी और बिना लाइसेंस संचालन की पुष्टि का अर्थ यह नहीं है कि सभी जब्त उत्पाद प्रयोगशाला जांच में मिलावटी साबित हो चुके हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा के संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में बिना लाइसेंस संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों पर सवाल खड़े हो गए हैं।