Gwalior Cyber Fraud: तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा से ₹50 हजार की ऑनलाइन ठगी, वर्क फ्रॉम होम नौकरी के नाम पर बनाया शिकार
ग्वालियर में तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा से वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर ₹50 हजार की ठगी। Paytm UPI से 13 बार पैसे ट्रांसफर कराए, FIR दर्ज।
Gwalior Cyber Crime News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां पढ़ाई कर रही तंजानिया की 22 वर्षीय छात्रा को साइबर अपराधियों ने वर्क फ्रॉम होम पार्ट-टाइम नौकरी का झांसा देकर करीब 50 हजार रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। आरोपियों ने रजिस्ट्रेशन फीस, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस के नाम पर छात्रा से अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर कराए।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने 15 और 16 अक्टूबर 2026 को Paytm UPI के जरिए कुल 13 बार रुपये ट्रांसफर किए। मामले में FIR दर्ज की गई है।
वर्क फ्रॉम होम जॉब के लालच में फंसी विदेशी छात्रा
मिली जानकारी के मुताबिक, तंजानिया की रहने वाली 22 वर्षीय छात्रा ग्वालियर में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही है। इसी दौरान उसे घर बैठे पार्ट-टाइम नौकरी करने का प्रस्ताव मिला।
आरोपियों ने छात्रा को ऑनलाइन काम करके कमाई करने का भरोसा दिलाया। नौकरी हासिल करने की उम्मीद में छात्रा उनके बताए निर्देशों का पालन करती गई।
इसके बाद आरोपियों ने नौकरी से जुड़ी अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर उससे पैसे मांगने शुरू कर दिए।
रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन फीस के नाम पर मांगे पैसे
साइबर ठगों ने छात्रा से रजिस्ट्रेशन, फाइल चार्ज और वेरिफिकेशन फीस सहित विभिन्न प्रक्रियाओं के नाम पर रकम जमा करवाई।
आरोपियों ने छात्रा से एक बार में पूरी रकम लेने के बजाय अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराए।
इस तरह नौकरी दिलाने का झांसा देकर छात्रा से करीब 50 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
15 और 16 अक्टूबर को 13 बार ट्रांसफर हुए रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक, ठगी की रकम 15 और 16 अक्टूबर 2026 को ट्रांसफर की गई थी।
छात्रा ने Paytm UPI के माध्यम से कुल 13 बार पैसे भेजे। इन ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 50 हजार रुपये आरोपियों तक पहुंच गए।
यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन नौकरी के नाम पर छोटी-छोटी रकम मांगकर भी बड़ी आर्थिक ठगी को अंजाम दिया जा सकता है।
साइबर क्राइम मामले में FIR दर्ज
ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी या ठगी गई रकम की बरामदगी को लेकर कोई पुष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर कैसे होती है ठगी?
साइबर अपराधी कई बार सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन जॉब ऑफर के जरिए लोगों को आकर्षित करते हैं।
ऐसे मामलों में घर बैठे काम करने, आसान टास्क पूरे करने या अतिरिक्त कमाई का लालच दिया जा सकता है।
इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, अकाउंट एक्टिवेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं।
विशेषज्ञों की सामान्य साइबर सुरक्षा सलाह के अनुसार, किसी भी ऑनलाइन नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले संबंधित कंपनी और नौकरी की वास्तविकता की जांच करना जरूरी है।
ऑनलाइन जॉब फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
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किसी अनजान व्यक्ति को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें।
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कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और संपर्क विवरण की जांच करें।
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अनजान लिंक पर क्लिक करके बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
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किसी को भी OTP, UPI PIN या बैंकिंग पासवर्ड न बताएं।
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नौकरी के नाम पर बार-बार फीस मांगने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें।
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संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर करें।
साइबर फ्रॉड होने पर कहां करें शिकायत?
अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो जल्द से जल्द राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
समय पर शिकायत करने से संबंधित अधिकारियों को वित्तीय लेनदेन की जांच और रकम रोकने की कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
ग्वालियर में तंजानिया की छात्रा से हुई करीब 50 हजार रुपये की साइबर ठगी ऑनलाइन नौकरी के नाम पर होने वाले वित्तीय धोखाधड़ी के खतरों को उजागर करती है।
इस मामले में आरोपियों ने वर्क फ्रॉम होम नौकरी का झांसा देकर छात्रा से 13 बार पैसे ट्रांसफर कराए। घटना के संबंध में FIR दर्ज की गई है।
यह मामला छात्रों, नौकरी तलाशने वाले युवाओं और ऑनलाइन पार्ट-टाइम काम करने के इच्छुक लोगों के लिए सतर्क रहने का संदेश देता है।