ग्वालियर बायपास की बदहाल सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त: 36 KM में रफनेस ज्यादा, 11 KM में गड्ढे, ठेकेदार के ₹26.53 करोड़ रोके
ग्वालियर बायपास की खराब सड़कों पर हाईकोर्ट में सुनवाई। NHAI रिपोर्ट में 36 KM में रफनेस ज्यादा, 11 KM में गड्ढे और ₹26.53 करोड़ रोके जाने की खबर।
Gwalior News Today: ग्वालियर की खराब सड़कों और गड्ढों का मामला एक बार फिर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में उठा है। ग्वालियर बायपास की सड़क की गुणवत्ता को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV) रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आने की खबर है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्वालियर बायपास के 36 किलोमीटर से अधिक हिस्से में सड़क की रफनेस निर्धारित मानकों से ज्यादा पाई गई है, जबकि करीब 11 किलोमीटर हिस्से में गड्ढों की समस्या सामने आई है।
मामले में ठेकेदार की लगभग ₹26.53 करोड़ की राशि रोके जाने की जानकारी भी सामने आई है।
ग्वालियर बायपास की सड़क की गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्वालियर की प्रमुख सड़कों और बायपास की खराब स्थिति लंबे समय से वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
नईदुनिया की 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में शहर की जर्जर सड़कों से संबंधित मामले की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान NHAI की नेटवर्क सर्वे व्हीकल रिपोर्ट के माध्यम से ग्वालियर बायपास की खराब स्थिति सामने आई।
सड़क की रफनेस यानी उसकी सतह के ऊबड़-खाबड़ होने का स्तर सड़क की गुणवत्ता जांचने का एक महत्वपूर्ण मापदंड है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बायपास के 36 किलोमीटर से अधिक हिस्से में सड़क की सतह निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
NHAI रिपोर्ट में 36 KM हिस्से में रफनेस ज्यादा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुबंध में सड़क की रफनेस 2500 मिलीमीटर प्रति किलोमीटर से कम रखने का मानक बताया गया है।
लेकिन सर्वे रिपोर्ट में ग्वालियर बायपास के 36 किलोमीटर से अधिक हिस्से में इस सीमा से ज्यादा रफनेस सामने आने की बात कही गई है।
सड़क की असमान सतह से वाहन चालकों को झटके लग सकते हैं और वाहनों की सुरक्षा तथा आरामदायक आवागमन प्रभावित हो सकता है।
ऐसी स्थिति में सड़क की गुणवत्ता और नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
11 किलोमीटर सड़क पर गड्ढों की समस्या
रिपोर्ट के अनुसार, ग्वालियर बायपास के लगभग 11 किलोमीटर हिस्से में गड्ढों की समस्या पाई गई है।
सड़क पर मौजूद गड्ढे विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। बारिश के दौरान पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
ऐसी परिस्थितियों में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
ठेकेदार के ₹26.53 करोड़ रुपये रोके जाने की खबर
सड़क की गुणवत्ता से जुड़े इस मामले में ठेकेदार की लगभग ₹26.53 करोड़ की राशि रोके जाने की जानकारी सामने आई है।
समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार की एन्युटी राशि एफडी में जमा है।
हालांकि, राशि रोके जाने से संबंधित विस्तृत प्रशासनिक प्रक्रिया और हाईकोर्ट के आदेश की पूरी जानकारी उपलब्ध समाचार अंश से स्पष्ट नहीं होती।
इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों और अदालती निर्देशों पर निर्भर करेगी।
झांसी रोड पर गड्ढे में फंसी कार की तस्वीर आई सामने
ग्वालियर के झांसी रोड बस स्टैंड के सामने सड़क धंसने से एक कार के गड्ढे में फंसने की तस्वीर भी समाचार में प्रकाशित हुई है।
तस्वीर में सड़क की खराब स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है।
यह घटना शहर में सड़क सुरक्षा, रखरखाव और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ाती है।
सड़कों पर गड्ढों के कारण वाहन चालकों को नुकसान होने के साथ यातायात बाधित होने की संभावना भी बनी रहती है।
ग्वालियर नगर निगम ने 461 स्थानों पर कराया पैचवर्क
समाचार के अनुसार, ग्वालियर नगर निगम ने शहर में 461 स्थानों पर पैचवर्क कराया है।
पैचवर्क का उद्देश्य खराब सड़कों के क्षतिग्रस्त हिस्सों और गड्ढों की मरम्मत करना है।
हालांकि, सड़क की स्थिति में लंबे समय तक सुधार बनाए रखने के लिए मरम्मत की गुणवत्ता, उचित तकनीक और नियमित निगरानी भी आवश्यक है।
इस बीच सवाल उठ रहा है कि बार-बार सड़क मरम्मत के बावजूद शहर में गड्ढों की समस्या क्यों बनी हुई है।
ग्वालियर की सड़कों पर कब मिलेगी स्थायी राहत?
ग्वालियर शहर में रोजाना हजारों वाहन चालक प्रमुख सड़कों और बायपास का उपयोग करते हैं।
ऐसे में खराब सड़कें न केवल यातायात को प्रभावित करती हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय हैं।
हाईकोर्ट में सड़क की गुणवत्ता से संबंधित मामला उठने के बाद अब संबंधित विभागों की कार्रवाई और सड़क सुधार कार्यों पर लोगों की नजर रहेगी।
शहरवासियों को उम्मीद है कि ग्वालियर की सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।
Gwalior Road News: खबर की मुख्य बातें
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ग्वालियर बायपास की खराब सड़कों का मामला हाईकोर्ट में उठा।
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NHAI की NSV रिपोर्ट में 36 किलोमीटर से अधिक हिस्से में रफनेस ज्यादा बताई गई।
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लगभग 11 किलोमीटर सड़क पर गड्ढों की समस्या सामने आई।
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ठेकेदार की ₹26.53 करोड़ की राशि रोके जाने की जानकारी।
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ग्वालियर नगर निगम ने 461 स्थानों पर पैचवर्क कराया।
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झांसी रोड पर गड्ढे में कार फंसने की तस्वीर सामने आई।
निष्कर्ष
ग्वालियर बायपास की खराब स्थिति और NHAI की सर्वे रिपोर्ट से सड़क निर्माण एवं रखरखाव की गुणवत्ता पर महत्वपूर्ण सवाल खड़े हुए हैं।
शहर की सड़कों में सुधार के लिए जरूरी है कि संबंधित विभाग निर्माण गुणवत्ता की जांच करें, क्षतिग्रस्त हिस्सों की प्रभावी मरम्मत सुनिश्चित करें और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत बनाएं।
अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्वालियर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या कब खत्म होगी?
ग्वालियर की ताजा खबरें, सड़क निर्माण, नगर निगम और मध्य प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें Digital Gwalior News।