दिवाली पर ट्रेनों में सीटें फुल, वेटिंग से यात्रियों की बढ़ी परेशानी; तत्काल टिकट के लिए भी मारामारी
दिवाली पर ग्वालियर से दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य शहरों की ट्रेनों में लंबी वेटिंग। स्पेशल ट्रेनों के बावजूद कन्फर्म और तत्काल टिकट मिलना मुश्किल।
ग्वालियर। दीपावली के त्योहार पर अपने घर पहुंचने की तैयारी कर रहे रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। त्योहार के चलते लंबी दूरी की प्रमुख ट्रेनों में आरक्षण की स्थिति ऐसी हो गई है कि यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। रेलवे की ओर से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने के बावजूद नियमित ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
ग्वालियर से दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को लंबी वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ रहा है। तत्काल टिकट हासिल करने के लिए भी यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
स्पेशल ट्रेनों के बावजूद नियमित ट्रेनों में सीटें फुल
त्योहार के कारण दूसरे शहरों में काम करने वाले लोग और विद्यार्थी अपने घर वापस लौट रहे हैं। इससे रेल यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
जिन यात्रियों ने पहले से आरक्षण नहीं कराया था, उन्हें अब टिकट मिलने में परेशानी हो रही है। कई यात्री तत्काल टिकट का सहारा ले रहे हैं, लेकिन अधिक मांग के कारण कन्फर्म टिकट मिलना आसान नहीं है।
रेलवे की ओर से अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, फिर भी नियमित ट्रेनों में यात्रियों की मांग के मुकाबले सीटें कम पड़ रही हैं।
बेंगलुरु से दिल्ली तक आरक्षण के लिए मारामारी
रिपोर्ट के अनुसार, 5 नवंबर को बेंगलुरु जाने वाली कर्नाटक एक्सप्रेस में नो रूम की स्थिति थी। यशवंतपुर संपर्क क्रांति के स्लीपर और वातानुकूलित श्रेणियों में भी जगह उपलब्ध नहीं थी।
भोपाल जाने के लिए केरला एक्सप्रेस, भोपाल एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी आरक्षण की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।
इसके अलावा गोवा एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस, एपी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, तमिलनाडु एक्सप्रेस और गीता जयंती एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी टिकटों की उपलब्धता सीमित बताई गई।
तत्काल टिकट मिलने की उम्मीद भी कम
कन्फर्म टिकट नहीं मिलने पर तत्काल आरक्षण यात्रियों का आखिरी विकल्प बन रहा है। हालांकि, इसमें भी सीटों की सीमित संख्या के कारण टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।
रेलवे ने जुलाई 2025 से आधार आधारित ओटीपी सत्यापन की व्यवस्था लागू की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकृत एजेंटों को एसी और गैर-एसी श्रेणियों में तत्काल बुकिंग शुरू होने के शुरुआती 30 मिनट तक टिकट बुक करने की अनुमति नहीं है।
यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनाने की सलाह
त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे अपनी यात्रा से पहले ट्रेन की उपलब्धता और आरक्षण की स्थिति जांच लें।
यात्री वैकल्पिक ट्रेनों, अलग-अलग यात्रा तिथियों और उपलब्ध स्पेशल ट्रेनों की जानकारी लेकर अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।
नोट: यह खबर 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है। ट्रेन और टिकट उपलब्धता लगातार बदलती रहती है।