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ग्वालियर: रेप का आरोपी तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान अब भी फरार, 11 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं

ग्वालियर शादी का झांसा देकर 17 साल तक शारीरिक शोषण करने के आरोप में फंसे तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। घटना को 11 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस मामले में पीड़ित महिला ने जिला प्रशासन और पुलिस पर तहसीलदार की मदद करने का गंभीर आरोप लगाया है।

अग्रिम जमानत पर बहस जारी

तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया है, जिस पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस दौरान पुलिस ने अपना रिकॉर्ड पेश करने के लिए दो दिन का समय मांगा है। हालांकि, जमानत याचिका पर फैसला आने तक तहसीलदार की गिरफ्तारी न होने से पीड़िता और उसके परिवार में रोष है।

पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित महिला ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि तहसीलदार ने शादी का झांसा देकर 17 साल तक उसके साथ संबंध बनाए। जब उसने शादी की बात दोहराई, तो आरोपी ने शादी करने से इंकार कर दिया। महिला का कहना है कि वह न्याय के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन जिला और पुलिस प्रशासन तहसीलदार की मदद कर रहा है, जिससे अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

सांसद भारतेंद्र सिंह से लगाई न्याय की गुहार

न्याय की उम्मीद में पीड़ित महिला ने सांसद भारतेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई। महिला ने उनसे अपील की कि वह मामले में हस्तक्षेप कर उसे न्याय दिलाने में मदद करें। सांसद ने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगे और पुलिस को तत्काल कार्रवाई के लिए निर्देशित करेंगे।

पुलिस की स्थिति पर सवाल

मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। आम जनता और महिला संगठनों का कहना है कि आरोपी तहसीलदार की गिरफ्तारी में देरी जानबूझकर की जा रही है। पुलिस प्रशासन की ओर से बार-बार रिकॉर्ड पेश करने के लिए समय मांगना मामले को कमजोर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

समाज और महिला संगठनों में आक्रोश

घटना के बाद से ग्वालियर के महिला संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता पुलिस और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक तहसीलदार जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है, तो आम नागरिकों के लिए न्याय पाना और भी मुश्किल हो जाएगा।

प्रशासन की सफाई

इस पूरे मामले पर प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा है कि पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

सवाल बरकरार

  • 11 दिन बाद भी आरोपी क्यों नहीं पकड़ा गया?
  • क्या तहसीलदार जैसे पद पर होने के कारण आरोपी को संरक्षण मिल रहा है?
  • क्या पीड़िता को न्याय दिलाने में प्रशासन वाकई गंभीर है?

इस घटना ने ग्वालियर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब देख रही है कि प्रशासन कब और कैसे आरोपी को न्याय के कठघरे में खड़ा करेगा।